संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के पैटर्न को 2015 से संशोधित किया है। जो की वर्तमान में, 7 + 2 = 9 पेपर हैं। इनमें प्रत्येक पेपर वर्णनात्मक प्रकार का है। आपको ज्ञात होगा की प्रमुख परीक्षा से पहले आपको दो सामान्य अध्ययन पेपर क्वालीफाइ करने होते हैं जिसमें आपको वैकल्पिक प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं जिनके अंक मुख्य परीक्षा में नहीं जोड़े जाते वह सिर्फ क्वालीफाइंग पेपर होते हैं | तथा मुख्य परीक्षा जिसमें दो वैकल्पिक प्रश्न पत्र होते हैं जिसमें प्रथम किसी एक भारतीय भाषा (Indian Language) अथवा अंग्रेजी, दूसरा कोई एक वैकल्पिक विषय जोकि प्रत्येक 300 अंक के होते हैं, ये भी अंक मुख्य परीक्षा में नहीं गिने जाते हैं। अभ्यर्थी अंग्रेजी में या संविधान की आठवीं अनुसूची से किसी एक भाषा को परीक्षा लिखने के माध्यम के रूप में चुन सकता हैं।
UPSC CSE Mains Statistics syllabus in Hindi (सांख्यिकी)
इस लेख में हम आपको सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के विषय सांख्यिकी के पेपर 1 व पेपर 2 के पाठ्यक्रम को हिंदी भाषा में बतायेंगे | सांख्यिकी एक प्रमुख विषय है जिससे संबंधित कई प्रश्न आते हैं, इसको गहनता से ध्यान पूर्वक पढ़ें:
संघ लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा सांख्यिकी पेपर – 1 पाठ्यक्रम
प्रायिकता
प्रतिदर्श समष्टि एवं अनुवृत्त, प्रायिकता माप एवं प्रायिकता समष्टि, मेयफलन के रूप में यादृच्छिक चर, यादृच्छिक चर का बंटन फलन, असंतत एवं संतत-प्ररूप यादृच्छिकचर, प्रायिकता द्रव्यमान फलन, प्रायिकता घनत्व-फलन, सदिशमान यादृच्छिचर, उपांत एवं सप्रतिबंध बंटन, अनुवृतों का एवं यादृच्छिक चरों काप्रसंभाव्य स्वातंत्र्य, यादृच्छिक चर को प्रत्याशा एवं आघूर्ण, सप्रतिबंध प्रत्याशा, यादृच्छिक चर का p-th माध्य में, एवं लगभग हर जगह, उनका निकर्ष एवं अंतसंबंध, शेवीशेव असमिका तथा खिशिन का वृहद् संख्याओं का दुर्बल नियम, वृहद् संख्याओं का प्रबल नियम एवं कोल्मोगोरोफ प्रमेय, प्रायिकता जनन पुलन, आघूर्ण जनन फलन, अभिलक्षण फलन, प्रतिलोमन प्रमेय, केंद्रीय सीमा प्रमेय के लिंडरवर्ग एवं लेवी प्ररूप, मानक असंतत एवं संतत प्रायिकता बंटन।
सांख्यिकीय अनुमिति
संगति, अनभिनतता, दक्षता, पूर्णता, सहायक आँकड़े, गुणखंडन-प्रमेय, बंटन चरघाताकी कुल और इसके गुणधर्म, एकसमान अल्पतम-प्रसरण अनभिनत (UMVU) आकलन, राव-ब्लैकवेल एवं लेहमैन-शीफ प्रमेय, एकल प्राचल के लिए क्रेमर-राव असमिका, आघूर्ण विधियों द्वारा आकलन, अधिकतम संभाविता, अल्पतम वर्ग, न्यूनतम काई-वर्ग एवं रूपांतरित न्यूनतम काई-वर्ग, अधिकतम संभाविता एवं अन्य आकलकों के गुणधर्म, उपगामी दक्षता, पूर्व एवं पश्च बंटन, हानि फलन, जोखिम फलन तथा अल्पमहिष्ठ आकलक, वेज आकलक अयादृच्छिकीकृत तथा यादृच्छिकीकृत परीक्षण, क्रांतिक फलन, MP परीक्षण, नेमेन–पिअर्सन प्रमेयिका, UMPU परीक्षण, एकदिष्ट संभाविता अनुपात, समरूप एवं अनभिनत परीक्षण, एकल प्राचल के लिए UMIPU परीक्षण, संभाविता अनुपात परीक्षण एवं इसका उपगामी बंटन । विश्वास्यता परिबंध एवं परीक्षणों के साथ इसका संबंध।
समंजन-सुष्ठता एवं इसकी संगति के लिए कोल्मोगोरोफ परीक्षण, चिह्न परीक्षण एवं इसका इष्टमत्व । विलकॉक्सन चिह्नित-कोटि परीक्षण एवं इसकी संगति, कोल्मोगोरोफ-स्मिरनोफ द्वि-प्रतिदर्श परीक्षण, रन परीक्षण, विलकॉक्सन-मैन व्हिटनी परीक्षण एवं माध्यिका परीक्षण, उनकी संगति तथा उपगामी प्रसामान्यता ।
वाल्ड का SPRT एवं इसके गुणधर्म, बर्नुली, वासों, प्रसामान्य एवं चरघातांकी बंटनों के लिए प्राचलों के बारे में परीक्षणों के लिए 0C एवं ANS फलन वाल्ड का मूल तत्समक।
रैखिक अनुमिति एवं बहुचर विश्लेषण
रैखिक सॉख्यिकीय निदर्श, न्यूनतमवर्ग सिद्धांत एवं प्रसरण विश्लेषण, मॉस-मारकोफ सिद्धांत, प्रसामान्य समीकरण, न्यूनतमवर्ग आंकलन एवं उनकी परिशुद्धता, एकमार्गी, द्विमार्गी एवं त्रिमार्गी वर्गीकृत न्यास में न्यूनतमवर्ग सिद्धांत पर आधारित अंतराल आकल तथा सार्थकता परीक्षण, समाश्रयण, विश्लेषण रैखिक समाश्रयण वक्ररेखी समाश्रयण एवं लोंबक बहुपद, बहुसमाश्रयण, बहु एवं आंशिक सहसंबंध, प्रसारण एवं सहप्रसारण घटक आकलन, बहुचर प्रसामान्य बंटन, महलनोबिस 02 एवं हॉटेलिंग T2 आँकड़े तथा उनका अनुप्रयोग एवं गुणधर्म, विविक्तकर विश्लेषण, विहित सहसंबंध, मुख्य घटक विश्लेषण ।
प्रतिचयन सिद्धांत एवं प्रयोग अभिकल्प
स्थिर-समविष्ट एवं अधि-समष्टि उपागमों की रूपरेखा, परिमित समष्टि प्रतिचयन के विविक्तकारी लक्षण, प्रायिकता प्रतिचयन अभिकल्प, प्रतिस्थापन के साथ या उसके बिना सरल यादृच्छिक प्रतिचयन, स्तरित यादृच्छिक प्रतिचयन, क्रमबद्ध प्रतिचयन एवं इसकी क्षमता, गुच्छा प्रतिचयन, द्विचरण एवं बहुचरण प्रतिचयन, एक या दो सहायक चर शामिल करते हुए आंकलन की अनुपात एवं समाश्रयण विधियां, द्विप्रावस्था प्रतिचयन, प्रतिस्थापन के साथ या उसके बिना आमाप आनुपातिक प्रायिकता, हँसेन-हरविट्ज एवं हारविट्ज-थॉम्पसन आंकलन, हॉरविट्ज-थॉम्पसन, आंकलन के संदर्भ में ऋणेतर प्रसरण आंकलन, अप्रतिचयन त्रुटियां । नियम प्रभाव निदर्श (द्विमार्गी वर्गीकरण) यादृच्छिक एवं मिश्रित प्रभाव निदर्श (प्रतिसेल समान प्रेक्षण के साथ द्विमार्गी वर्गीकरण) CRD, RBD, LSD एवं उनके विश्लेषण, अपूर्ण ब्लॉक अभिकल्प, लॉबिकता एवं संतुलन की संकल्पनाएं, BIBD, अप्राप्त क्षेत्रक प्रविधि, बहु-उपादानी प्रयोग तथा बहु-उपादानी प्रयोग में 2 एवं 3- संकरण, विभक्त क्षेत्र एवं सरल जालक अभिकल्पना, आंकड़ा रूपांतरण इंकन का बहुपरासी परीक्षण ।
संघ लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा सांख्यिकी पेपर – 2 पाठ्यक्रम
- औद्योगिक सांख्यकी
प्रक्रिया एवं उत्पाद नियंत्रण, नियंत्रण, चाट का सामान्य सिद्धांत, चरों एवं गुणों के लिए विभिन्न प्रकार के नियंत्रण चार्ट, X, R, s, p, np एवं C-चार्ट, संचयी योग चार्ट । गुणों के लिए एकशः, द्विश:बहुक एवं अनुक्रमिक प्रतिचयन योजनाएं, 0C, ASN, AOQ एवंATI वक़, उत्पादक एवं उपभोक्ता जोखिम की संकल्पनाएं, AQL, LTPD एवं A0QL चरों के लिए प्रतिचयन योजना, डॉज-रोमिंग सारणियों का प्रयोग ।
विश्वास्यता की संकल्पना, विफलता दर एवं विश्वास्यता फलन, श्रेणियों, समांतर प्रणालियों एवं अन्य सरल विन्यासों की विश्वास्यता, नवीकरण घनत्व एवं नवीकरण फलन, विफलता प्रतिदर्श : चरघातांकी, वीबुल, प्रसामान्य, लॉग सामान्य ।
आयु परीक्षण में समस्याएं, चरघतांकी निर्देशों के लिए खंडवर्जित एवं रूडित प्रयोग ।
- इष्टतमीकरण प्रविधियां
संक्रिया विज्ञान में विभिन्न प्रकार के निदर्श, उनकी रचना एवं हल की सामान्य विधियां, अनुकार एवं मॉण्टे-कार्लो विधियां, रैखिक प्रोग्रामन (LP) समस्या का सूत्रीकरण, सरल LP निदर्श एवं इसका आलेखीय हल, प्रसमुच्चय प्रक्रिया, कृत्रिम चरों के साथ M-प्रविधि एवं द्विप्रावस्था विधि,LP का द्वैध सिद्धांत एवं इसकी आर्थिक विवक्षा, सुग्राहिता विश्लेषण, परिवहन एवं नियतन समस्या, आयतीत खेल, दो-व्यक्ति शून्य योग खेल, हल विधियां (आलेखीय एवं बीजीय)।
हासशील एवं विकृत मदों का प्रतिस्थापन, समूह एवं व्यष्टि प्रतिस्थापन नीतियां, वैज्ञानिक सामग्री-सूची प्रबंधन की संकल्पना एवं सामग्री सूची समस्याओं की विश्लेषी संरचना, अग्रता काल के साथ या उसके बिना निर्धारणात्मक एवं प्रसंभाव्य मांगों के साथ सरल निदर्श डैम प्ररूप के विशेष संदर्भ के साथ भंडारण निदर्श ।
समांगी विविक्त काल मार्कोव श्रृंखलाएं, संक्रमण प्रायिकता आव्यूह, अवस्थाओं एवं अभ्यतिप्रायप्रमेयों का वर्गीकरण, समांगी सतत काल, मार्कोव श्रृंखला, प्वासों प्रक्रिया, पॅक्ति सिद्धांत के तत्व, एवं M/M’, M/M/K,G/M/1 एवं M/G/I पंक्तियां।
कंप्यूटरों पर SPSS जैसे जाने माने सांख्यिकीय सॉफ्टवेयर पैकेजों का प्रयोग कर सांख्यिकीय समस्याओं के हल प्राप्त करना ।
III. मात्रात्मक अर्थशास्त्र एवं राजकीय आंकड़े
प्रवृत्ति निर्धारण, मौसमी एवं चक्रीय घटक, बॉक्स- जेकिंग विधि, अनुपनत श्रेणी परीक्षण, AZRIMA निदर्श एवं स्वसमाश्रयी तथा गतिमान माध्य घटकों का क्रम निर्धारण, पूर्वानुमान । सामान्यतः प्रयुक्त सूचकांक-लास्पियर, पाशे एवं फिशर के आदर्श सूचकांक, श्रृंखला आधार सूचकांक, सूचकांकों के उपयोग और सीमाएं, थोक कीमतों, उपभोक्ता कीमतों, कृषि उत्पादन एवं औद्योगिक उत्पादन के सूचकांक, सूचकांकों के लिए परीक्षण-आनुपातिकता, काल-विपर्यय, उत्पादन उत्क्रमण एवं वृत्तीय।
सामान्य रैखिक निदर्श, साधारण न्यूनतम वर्ग एवं सामान्यीकृत न्यूनतम वर्ग, प्राक्कलन विधियां, बहुसंरेखता की समस्या, बहुसरखता के परिणाम एवं हल, स्वसहबंध एवं इसका परिणाम, विक्षोभों की विषम विचालिता एवं इसका परीक्षण, विक्षेभों के स्वातंत्र्य का परीक्षण, संरचना की संकल्पना एवं युगपत समीकरण निदर्श, अभिनिर्धारण समस्या-अभिज्ञेयता की कोटी एवं क्रम प्रतिबंध, प्राक्कलन की द्विप्रावस्था न्यूनतम वर्ग विधि ।
भारत में जनसंख्या, कृषि, औद्योगिक उत्पादन एवं कीमतों के संबंध में वर्तमान राजकीय सांख्यिकीय प्रणाली, राजकीय आंकड़े ग्रहण की विधियां, उनकी विश्वनीयता एवं सीमाएं, ऐसे आंकड़ों वाले मुख्य प्रकाशन, आंकड़ों के संग्रहण के लिए जिम्मेवार विभिन्न राजकीय अभिकरण एवं उनके प्रमुख कार्य ।
- जनसांख्यिकी एवं मनोमिति
जनगणना, पंजीकरण, एवं अन्य सर्वेक्षणों से जनसांख्यिकीय आंकड़े, उनकी सीमाएं एवं उपयोग, व्याख्या, जन्म मरण दरों और अनुपातों की रचना एवं उपयोग, जननक्षमता को माप, जनन दरें, रुग्णता दर मानकीकृत मृत्यु दर, पूर्ण एवं सक्षप्त वय सारणियां, जन्म मरण आंकड़ों एवं जनगणना विवरणियों से वय सारणियों की रचना, वय सारणियों के उपयोग, वृद्धिघात एवं अन्य जनसंख्या वृद्धि वक्र, वृद्धि घात चक्र समंजन, जनसंख्या प्रक्षेप, स्थिर जनसंख्या, स्थिरकल्प जनसंख्या, जनसांख्यिकीय प्राचलों के आकलन में प्रविधियां, मृत्यु के कारण के आधार पर मानक वर्गकिरण, स्वास्थ्य सर्वेक्षण एवं अस्पताल आंकड़ों का उपयोग ।
मापनियों एवं परीक्षणों के मानकीकरण की विधियां, Z समंक, मानक समंक, T-समंक, शततमक समंक, बुद्धि लब्धि एवं इसका मापन एवं उपयोग, परीक्षण समंकों की वैधता एवं विश्वसनीयता एवं इसका निर्धारण, मनोमिति में उपादान विश्लेषण एवं पथविश्लेषण का उपयोग ।
Useful Test Courses / Study Material for UPSC IAS:
| UPSC IAS Prelims Test Series in Hindi – 10 Full-Length Test 10 Sectional Test |
| Ancient History Test Course in Hindi– 53 Chapter-wise Test |
| Medieval History Test Course in Hindi – Coming Soon |
| Modern History Test Course in Hindi and English – 59 Chapter-wise Test |
| Indian Polity Test Course in Hindi – 52 Chapter-wise Test |
| Indian & World Geography Test Course in Hindi & English – 54 Chapter-wise Test |
| Science Test Course in Hindi & English – 49 Chapter-wise Test |
| Environmental Studies Test Course in Hindi & English – 21 Chapter-wise Test |
UPSC IAS Mains Optional Subject Syllabus:
अभी आपने संघ लोक सेवा आयोग प्रमुख परीक्षा के सांख्यिकी विषय का पूर्ण पाठ्यक्रम पढ़ा, यदि आपको इससे सम्बंधित कोई भी प्रश्न हो तो Comment Box में जाकर पूछ सकते हैं, और आप हमारे Free IAS Prelims Quiz को Attempt कर सकते हैं जिसके द्वारा आप अपनी तैयारियों को परख सकते हैं |







