संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के पैटर्न को 2015 से संशोधित किया है। जो की वर्तमान में, 7 + 2 = 9 पेपर हैं। इनमें प्रत्येक पेपर वर्णनात्मक प्रकार का है। आपको ज्ञात होगा की प्रमुख परीक्षा से पहले आपको दो सामान्य अध्ययन पेपर क्वालीफाइ करने होते हैं जिसमें आपको वैकल्पिक प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं जिनके अंक मुख्य परीक्षा में नहीं जोड़े जाते वह सिर्फ क्वालीफाइंग पेपर होते हैं | तथा मुख्य परीक्षा जिसमें दो वैकल्पिक प्रश्न पत्र होते हैं जिसमें प्रथम किसी एक भारतीय भाषा (Indian Language) अथवा अंग्रेजी, दूसरा कोई एक वैकल्पिक विषय जोकि प्रत्येक 300 अंक के होते हैं, ये भी अंक मुख्य परीक्षा में नहीं गिने जाते हैं। अभ्यर्थी अंग्रेजी में या संविधान की आठवीं अनुसूची से किसी एक भाषा को परीक्षा लिखने के माध्यम के रूप में चुन सकता हैं।
UPSC CSE Mains Physics syllabus in Hindi (भौतिकी)
इस लेख में हम आपको सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के विषय भौतिकी के पेपर 1 व पेपर 2 के पाठ्यक्रम को हिंदी भाषा में बतायेंगे | भौतिकी एक प्रमुख विषय है जिससे संबंधित कई प्रश्न आते हैं, इसको गहनता से ध्यान पूर्वक पढ़ें:
संघ लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा भौतिकी पेपर – 1 पाठ्यक्रम
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(क) कण यांत्रिकी
गतिनियम, उर्जा एवं संवेग का संरक्षण, घूर्णी फ्रेम पर अनुप्रयोग, अपकेंद्री एवं कोरियालिस त्वरण; केन्द्रीय बल के अंतर्गत गति; कोणीय संवेग का संरक्षण, केप्लर नियम, क्षेत्र एवं विभव; गोलीय पिंडों के कारण गुरुत्व क्षेत्र एवं विभव; गौस एवं प्वासों समीकरण, गुरुत्व स्वऊर्जा; द्विपिंड समस्या; समानीत द्रव्यमान; रदरफोर्ड; प्रकीर्णन; द्रव्यमान केन्द्र एवं प्रयोगशाला संदर्भ फ्रेम।
(ख) दृढ़ पिण्डों की यांत्रिकी
कणनिकाय; द्रव्यमान केन्द्र, कोणीय संवेग, गति समीकरण; ऊर्जा, संवेग एवं कोणीय संवेग के संरक्षण प्रमेय: प्रत्यास्थ एवं अप्रत्यास्थ संघटन; दृड़ पिंड; स्वतंत्र्य कोटियां, आयलर प्रमेय, कोणीय वेग, कोणीय संवेग, जड़त्व आघूर्ण, समान्तर एवं अभिलम्ब अक्षों के प्रमेय, घूर्णन हेतु गति का समीकरण; आण्विक घूर्णन (दृढ़ पिंडों के रूप में); द्वि- एवं त्रि-परमाण्विक अणु, पुरस्सरण गति, भ्रमि, घूर्णक्षरस्थापी ।
(ग) संतत माध्यमों की यांत्रिकी
प्रत्यास्थता, हुक का नियम एवं यमदैशिक ठोसों के प्रत्यास्थतांक तथा उनके अंतर्संबंध; प्रवाह रेखा (स्तरीय) प्रवाह, श्यानता, प्वायज समीकरण, बरनूली समीकरण, स्टोक नियम एवं उसके अनुप्रयोग ।
(घ) विशिष्ट आपेक्षिकता
माइकल्सन मोर्ले प्रयोग एवं इसकी विवक्षाएं: लॉरंज रूपांतरण दै- संकुचन, कालवृद्धि, अपेक्षिकीय वेगों का योग, विपथन तथा डाप्लर प्रभाव, द्रव्यमान-ऊर्जा संबंध, क्षय प्रक्रिया से सरल अनुप्रयोग; चतुर्विगीय संवेग सदिश; भौतिकी के समीकरणों के सहप्रसरण ।
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तरंग एवं प्रकाशिकी
(क) तरंग
सरल आवर्त गति, अवमंदित दोलन, प्रणोदित दोलन तथा अनुनाद; विस्पंद; तंतु में स्थिर तरंगें; स्पंदन तथा तरंग संचायिकाएं: प्रावस्था तथा समूह वेग; हाईगेन के सिद्धांत से परावर्तन तथा अपवर्तन ।
(ख) ज्यामितीय प्रकाशिकी
फरमैट के सिद्धांत से परावर्तन तथा अपवर्तन के नियम, उपाक्षीय प्रकाशिकी में आव्यूह पद्धति–पतले लेंस के सूत्र, स्पिंद तल, दो पतले लेंसों की प्रणाली, वर्ण तथा गोलीय विपथन ।
(ग) व्यतिकरण
प्रकाश का व्यक्तिकरण—यंग का प्रयोग, न्यूटन वलय, तनु फिल्मों द्वारा व्यतिकरण, माइकल्सन व्यतिकरणमापी; विविध किरणपुज व्यतिकरण एवं फैब्री-पेरट व्यतिकरणमापी ।
(घ) विवर्तन
फ्रानहोलफर विवर्तन–एकल रेखाछिद्र, विवर्तन ग्रेटिंग, विभेदन क्षमता, वित्तीय द्वारका द्वारा विवर्तन तथा वायवीय पैटर्न, फ्रेसनेल विवर्तन; अर्द्ध आवर्तन जोन एवं जोन प्लेट, वृत्तीय द्वारक ।
(ड) ध्रुवीकरण एवं आधुनिक प्रकाशिकी
रेखीय तथा वृत्तीय ध्रुवित प्रकाश का उत्पादन तथा अभिज्ञान; द्विअपवर्तन, चतुर्थादश तरंग प्लेट; प्रकाशीय सक्रियता; रेशा प्रकाशिकी के सिद्धांत, क्षीणन; स्टेप इंडेक्स तथा परवलयिक इंडेक्स तंतुओं में स्पंद परिक्षेपण; पदार्थ परिक्षेपण, एकल रूप रेशा; लेसर-आइनस्टान ए तथा बी गुणांक, रूबी एवं हीलियम नियान लेसर; लेसर प्रकाश की विशेषताएं- स्थानिक तथा कालिक संबद्धता; लेसर किरण पुंजों का फोकसन; लेसर क्रिया के लिए त्रि-स्तरीय योजना; होलीग्राफी एवं सरल अनुप्रयोग।
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विद्युत एवं चुम्बकत्व
(क) स्थिर वैद्युत एवं स्थिर चुम्बकीय
स्थिर वैद्युत में लग्प्लास एवं प्वासों समीकरण एवं उनके अनुप्रयोग; आवेश निकाय की ऊर्जा, अदिश विभव का बहुध्रुव प्रसार; प्रतिबिम्ब विधि एवं उसका अनुप्रयोग; द्विध्रुव के कारण विभव एवं क्षेत्र, बाह्य क्षेत्र में द्विध्रुव पर बल एवं बल आधूर्ण । परावैद्युत ध्रुवण; परिसीमा-मान समस्या का हल एक समान वैद्युत क्षेत्र में चालन एवं परवैद्युत गोलक; चुम्बकीय कोश, एकसमान चुम्बकित बोलक, चुम्बकीय पदार्थ, शैथिल्य, ऊर्जाह्रास ।
(ख) धारा विद्युत
किरचॉफ नियम एवं उनके अनुप्रयोग; बायो-सवार्ट नियम, ऐम्पियर नियम, फराडे नियम, लेंज नियम; स्व एवं अन्योन्य प्रेरकत्व; प्रत्यावर्ती धारा (AC) परिपथ में माध्य एवं वर्गमाध्य मूल (rms) मान, RL एवं C घटक वाले DC एवं AC- परिपथ; श्रेणीबद्ध एवं समानांतर अनुवाद; गुणता कारक; परिणामित्र के सिद्धांत ।
(ग) विद्युत चुम्बकीय तरंगें एवं कृष्णिका विकिरण
विस्थापन धारा एवं मैक्सवेल के समीकरण; निर्वात में तरंग समीकरण, प्वाईंटंग प्रमेय; सदिश एवं अदिश विभव; विद्युत चुंबकीय क्षेत्र प्रदिश, मैक्सवेल समीकरणों का सहप्रसरण; समदैशिक परावैद्युत में तरंग समीकरण, दो परावैद्युतों की परिसीमा पर परावर्तन; तथा अपवर्तन; फेसनल संबंध; पूर्ण आंतरिक परावर्तन; प्रसामान्य एवं असंगत वर्ण विक्षेपण; रेले प्रकीर्णन; कृष्णिका विकिरण एवं प्लैंक विकिरण नियम, स्टीफन–बोल्टजमैन नियम, वियेन विस्थापन नियम एवं रेले जीन्स नियम ।
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तापीय एवं सांख्यिकीय भौतिकी
(क) उष्मागतिकी
उष्मागतिकी का नियम, उत्क्रम्य तथा अप्रतिक्रम्य पक्रम, एन्ट्रापी, समतापी, रुद्धोष्म, समदाब, समआयतन पक्रम एवं एन्ट्रापी परिवर्तन; ओटो एवं डीजल इंजन, गिब्स प्रावस्था नियम एवं रासायनिक विभव, वास्तविक गैस अवस्था के लिए वांडरवाल्स समीकरण, क्रांतिक स्थिसंक, आण्विक वेग का मैक्सवेल बोल्टजमान वितरण, परिवहन परिघटना, समविभाजन एवं वीरियल प्रमेय; ठोसों की विशिष्ट उष्मा के ड्यूलांपेती, आइंस्टाइन, एवं डेबी सिद्धांत; मैक्सवेल संबंध एवं अनुप्रयोग; क्लासियस क्लेपरॉन समीकरण, रूद्धोष्म विचुंबकन, जूल केल्विन प्रभाव एवं गैसों का द्रवण ।
(ख) सांख्यिकीय भौतिकी
स्थूल एवं सूक्ष्म अवस्थाएं, सांख्यिकीय बंटन, मैक्सवेल–बोल्टजतान, बोस-आइंस्टान एवं फर्मी-दिराक बंटन, गैसों की विशिष्ट ऊष्मा एवं कृष्णिका विकिरण में अनुप्रयोग; नकारात्मक ताप की संकल्पना ।
संघ लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा भौतिकी पेपर – 2 पाठ्यक्रम
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क्वांटम यांत्रिकी
कण तरंग द्वैतता, श्रोडिंगर समीकरण एवं प्रत्याशामान; अनिश्चितता सिद्धांत, मुक्तकण, बाक्स में कण, परिमित कूप में कण के लिए एक विमीय श्रोडिंगर समीकरण का हल (गाउसीय तरंग-वेस्टन), रैखिक, आवर्ती लोलक; पग-विभव द्वारा एवं आयताकार रोधिका द्वारा परावर्तन एवं संचरण; त्रिविमीय बाक्स में कण अवस्थाओं का घनत्व, धातुओं का मुक्त इलेक्ट्रान सिद्धांत, कोणीय संवेग, हाइड्रोजन परमाणु, अर्द्धप्रचक्रण कण, पाउली प्रचक्रण आव्यूहों के गुणधर्म ।
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परमाण्विक एवं आण्विक भौतिकी
स्टर्न-गर्लेक प्रयोग, इलेक्ट्रान प्रचक्रण, हाइड्रोजन परमाणु की सूक्ष्म संरचना; LLS युग्मन, J-J युग्मन, परमाणु अवस्था का स्पेक्ट्रमी संकेतन, जीमान प्रभाव, फैंक कंडोन सिद्धांत एवं अनुप्रयोग; द्विपरमाणुक निकअणु के घूर्णनी, कांपनिक एवं इलेक्ट्स्पे क्ट्रमों का प्राथमिक सिद्धांत; रमन प्रभाव एवं आण्विक संरचना; लेसर रमन स्पेक्ट्रमिकी; खगोलिकी में उदासीन हाइड्रोजन परमाणु, आण्विक हाइड्रोजन एवं आणिवक हाइड्रोजन आयन का महत्व; प्रतिदीप्ति एवं स्फुरदीप्ति; NMR एवं EPR का प्राथमिक सिद्धांत एवं अनुप्रयोग, लैम्बसृति की प्राथमिक धारणा एवं इसका महत्व ।
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नाभिकीय एवं कण भौतिकी
मूलभूत नाभिकीय गुणधर्म-आकार, बंधन ऊर्जा, कोणीय संवेग, समता, चुंबकीय आघूर्ण; अर्द्ध-आनुभाविक द्रव्यमान सूत्र एवं अनुप्रयोग, द्रव्यमान परवलय; ड्यूटेरान की मूल अवस्था, चुम्बकीय आधूर्ण एवं अकेन्द्रीय बल; नाभिकीय बलों का मेसान सिद्धांत, नाभिकीय बलोक की प्रमुख विशेषताएं; नाभिक का कोश माडल-सफलताएं एवं सीमाएं: बीटाहास में समता का उल्लंघन; गामा ह्रास एवं आंतरकि रुपांतरण, मासबौर स्पेक्ट्रमिकी की प्राथमिक धारणा; नाभकीय अभिक्रियाओं का Q मान; नामिकीय विखंडन एवं संलयन, ताराओं में ऊर्जा उत्पादन; नाभिकीय रियेक्टर।
मूल कणों का वर्गीकरण एवं उनकी अन्यदोन्यक्रियाएं; संरक्षण नियम; हैड्रॉनो की क्वार्क संरचना; क्षीण वैद्युत एवं प्रबल अन्योन्य क्रिया का क्षेत्र, क्वांटा; बलों के एकीकरण की प्राथमिक धारणा; न्यूट्रिनों की भौतिकी ।
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ठोस अवस्था भौतिकी, यंत्र एवं इलेक्ट्रॉनिकी
पदार्थ की क्रिस्टलीय एवं अक्रिस्टलीय संरचना; विभिन्न किस्टल निकाय, आकाशी समूह; क्रिस्टल संरचना निर्धारण की विधियां; X-किरण विवर्तन; क्रमवीक्षण एवं संचरण इलेक्ट्रान सूक्ष्मदर्शी; ठोसों का पट्ट सिद्धांत चालक, विद्युतरोधी एवं अर्द्धचालक; ठोसों के तापीय गुणधर्म, विशिष्ट ऊष्मा, डेवी सिद्धांत; चुम्बकत्व; प्रति, अनु एवं लोह चुम्बकत्व; अतिचालकता के अवयव; माइस्नर प्रभाव; जोसेफरान साँध एवं अनुप्रयोग; उच्च तापक्रम अतिचालकता की प्राथमिक धारणा । नैज एवं बाह्य अर्द्धचालक; p-n-p एवं n-p-n ट्रॉजिस्टर, प्रवर्धक एवं दोलित्र, संक्रियात्मक प्रवर्धक; FET, JFET एवं MOSFET; अंकीय इलेक्ट्रॉनिकी बूलीय तत्समक, डी मार्गन नियम, तर्क द्वारा एवं सत्य सारणियां; सरल तर्क परिपथ, ऊष्म प्रतिरोधी, सौर सेल; माइक्रोप्रोसेसर एवं अंकीय कंप्यूटरों के मूल सिद्धांत ।
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