संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के पैटर्न को 2015 से संशोधित किया है। जो की वर्तमान में, 7 + 2 = 9 पेपर हैं। इनमें प्रत्येक पेपर वर्णनात्मक प्रकार का है। आपको ज्ञात होगा की प्रमुख परीक्षा से पहले आपको दो सामान्य अध्ययन पेपर क्वालीफाइ करने होते हैं जिसमें आपको वैकल्पिक प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं जिनके अंक मुख्य परीक्षा में नहीं जोड़े जाते वह सिर्फ क्वालीफाइंग पेपर होते हैं | तथा मुख्य परीक्षा जिसमें दो वैकल्पिक प्रश्न पत्र होते हैं जिसमें प्रथम किसी एक भारतीय भाषा (Indian Language) अथवा अंग्रेजी, दूसरा कोई एक वैकल्पिक विषय जोकि प्रत्येक 300 अंक के होते हैं, ये भी अंक मुख्य परीक्षा में नहीं गिने जाते हैं। अभ्यर्थी अंग्रेजी में या संविधान की आठवीं अनुसूची से किसी एक भाषा को परीक्षा लिखने के माध्यम के रूप में चुन सकता हैं।
UPSC CSE Mains Medical Science syllabus in Hindi (चिकित्सा विज्ञान)
इस लेख में हम आपको सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के विषय चिकित्सा विज्ञान के पेपर 1 व पेपर 2 के पाठ्यक्रम को हिंदी भाषा में बतायेंगे | चिकित्सा विज्ञान एक प्रमुख विषय है जिससे संबंधित कई प्रश्न आते हैं, इसको गहनता से ध्यान पूर्वक पढ़ें:
संघ लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा चिकित्सा विज्ञान पेपर – 1 पाठ्यक्रम
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मानव शरीर:
उपरि एवं अधोशाखाओं, स्कंधसँधियों, कूल्हे एवं कलाई में रक्त एवं तत्रका संभरण समेत अनुप्रयुक्त शरीर । सकलशारीर, सक्तसंभरण एवं जिह्वा का लिंफीय अपवाह, थायरॉइड, स्तन ग्रंथ, जठर, यकृत, प्रॉस्टेट, जननग्रंथि एवं गर्भाशय । डायाफ्राम, पेरीनियम एवं वंक्षणप्रदेश का अनुप्रयुक्त शरीर । वृक्क, मूत्राशय, गर्भाशय नलिकाओं, शुक्रवाहिकाओं का रोगलक्षण शरीर ।
भ्रूणविज्ञान: अपरा एवं अपरा रोध हृदय, आंत्र, वृक्क, गर्भाशय, टिंबध, वृषण का विकारा एवं उनकी रागान्य जगजात असामान्यताएं ।
केन्दीय एवं परिसरीय स्वसंचालित तंत्रिका तंत्र:
मस्तिष्क के निलयों, प्रमस्तिकमेरु द्रव के परिभ्रमण का सकल एवं रोगलक्षण शरीर, तंत्रिका मार्ग एवं त्वचीय संवेदन, श्रवण एवं दृष्टि विक्षित, कपाल तंत्रिकाएं, वितरण एवं रोगलाक्षणिक महत्व, स्वसंचालित ताँत्रिका तंत्र के अवयव ।
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मानव शरीर क्रिया विज्ञान:
अवेग का चालन एवं संचरण, संकुचन की क्रियाविधि, तंत्रिका-पेशीय संचरण, प्रतिवर्त, संतुलन नियंत्रण, संस्थिति एवं पेशी-तान, अवरोही मार्ग, अनुमस्तिक के कार्य, आधारी गडकाएं, निद्रा एवं चेतना का क्रियाविज्ञान ।
अंत:स्रावी तंत्र: हार्मोन क्रिया की क्रियाविधि, रचना, स्रवण, परिवहन, उपापचय, पैंक्रियाज एवं पीयूष ग्रंथि के कार्य एवं स्रवण नियमन ।
जनन तंत्र का क्रिया विज्ञान: आर्तवचक्र, स्तन्यस्रवण, सगर्भता
रक्त: विकास, नियमन एवं रक्त कोशिकाओं का परिणाम हुवाहिका, हनिस्पादन, रक्तदाब, हुवाहिका कार्य का नियमन ।
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जैव रसायन
अंगकार्य परीक्षण-यकृत, वृक्क, थायरॉइड ।
प्रोटीन संश्लेषण ।
विटामिन एवं खनिज ।
निर्बन्धन विखंड दैर्घ्य बहुरूपता (RFLP) पॉलीमरेज श्रृंखला प्रतिक्रिया (PCR)
रेडियो-इम्यूनोऐसे (RIA )
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विकृति विज्ञान:
थोथ एवं विरोहण, वृद्धि विक्षोथ एवं कैन्सर रहयूमैटिक एवं इस्कीमिक हृदय रोग एवं डायबिटीज मेलिटस का विकृतिजनन एवं ऊतकविकृति विज्ञान ।
सुदम्य, दुर्दम, प्राथमिक एवं विक्षेपी दुर्दमता में विभेदन, श्वसनीजन्य कार्सिनोमा का विकृतिजनन एवं ऊतकविकृति विज्ञान, स्तन कार्सिनोमा, मुख कैंसर, ग्रीवा कैंसर, ल्यूकीमिया, यकृत सिरोसिस, स्तवकवृक्कशोथ, यक्ष्मा तीव्र अस्थिमज्जाशोथ का हेतु, विकृतिजनन एवं ऊतक विकृति विज्ञान ।
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सूक्ष्म जैविकी:
देहद्रवी एवं कोशिका माध्यमित रोगक्षमता
निम्नलिखित रोगकारक एवं उनका प्रयोगशाला निदान : -मॅनिंगोकॉक्कस, सालमोनेला -शिंगेला, हर्षीज, डेंगू, पोलियो
-HIV/AIDS, मलेरिया, ई-हिस्टोलिटिका, गियार्डिया
-कैंडिडा, क्रिप्टोकॉक्कस, ऐस्पर्जिलस
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भेषजगुण विज्ञान:
निम्नलिखित औषधों के कार्य की क्रियाविधि एवं पाश्र्वप्रभाव :
-ऐन्टिपायरेटिक्स एवं एनाल्जेसिक्स, ऐन्टिबायोटिक्स, ऐन्टिमलेरिया, ऐन्टिकालाजार, ऐन्टिडायाबेटिक्स
-ऐन्टिहायपरटेंसिव, ऐन्टिडाइयूरेटिक्स, सामान्य एवं हृद वासोडिलेटर्स, ऐन्टिवाइरल, ऐन्टिपैरासिटिक, ऐन्टिफंगल, ऐन्टिफंगल, इम्यूनोसप्रेशेंटस
-ऐन्टिकैंसर
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न्याय संबंधी औषध एवं विषविज्ञान:
क्षति एवं घावों की न्याय संबंधी परीक्षा, रक्त एवं शुक्र धब्बों की परीक्षा, विषाक्तता, शामक अतिमात्रा, फांसी, डूबना, तलना, DNA एवं फिंगरप्रिंट अध्ययन ।
संघ लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा चिकित्सा विज्ञान पेपर – 2 पाठ्यक्रम
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सामान्य कार्यचिकित्सा:
टेटेनस, रैबीज, AIDS, डेंग्यू, काला-आजार, जापानी एन्सेफेलाइटिस का हेतु, रोग लक्षण विशेषताएं, निदान एवं प्रबंधन (निवारण सहित) के सिद्धांत ।
निम्नलिखित के हेतुरोगलक्षण विशेषताएं, निदान एवं प्रबंधन के सिद्धांत, इस्कीमिक हृदय रोग, फुफ्फुस अन्त:शल्यता, श्वसनी अस्थमा
फुफ्फुसावरणी नि:सरण, यक्ष्मा, अपावशोषण संलक्षण, अम्ल पेप्टिक रोग, विषाणुज यकृतशोथ एवं यकृत सिरोसिस ।
स्तवकवृक्कशोथ एवं गोणिकावृक्कशोथ, वृक्कपात, अपवृक्कीय संलक्षण, वृक्कवाहिका अतिरिक्तदाब, डायबिटीज मेलिटस के उपद्रव, स्कंदनविकार, ल्यूकीमिया, अव-एवं-अति-थायरॉइडिज्म, मेनिन्जायटिस एवं एन्सेफेलाइटिस ।
चिकित्सकीय समस्याओं में इमेजिंग, अल्ट्रासाउंड, ईको, कार्डियोग्राम, CT स्कैन, MRIL चिन्ता एवं अवसाद मनोविक्षिप्त एवं विखंडित- मनस्कता तथा ECT
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बालरोग विज्ञान:
रोगप्रतिरोधीकरण, बेबी-फ्रेंडली अस्पताल, जन्मजात श्याव हृदय रोग श्वसन विक्षोभ संलक्षण, श्वसनी-फुफ्फुसशोथ, प्रमस्तिष्कीय नवजात कामला, IMNCI वर्गीकरण एवं प्रबंधन, PEM कोटिकरण एवं प्रबंध । ARI एवं पांच वर्ष से छोटे शिशुओं की प्रवाहिका एवं उसका प्रबंध ।
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त्वचा विज्ञान:
स्रोरिएसिस, एलर्जिक डमेटाइटिस, स्कैबीज, एक्जीमा, विटिलिगो, स्टीवन, जानसन संलक्षण, लाइकेन प्लेनस
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सामान्य शल्य चिकित्सा:
खंडतालु खंडोष्ठ की रोगलक्षण विशेषता, कारण एवं प्रबंध के सिद्धांत ।
स्वरयंत्रीय अर्बुद, मुख एवं ईसोफेगस अर्बुद, परिधीय धमनी रोग, वेरिकोज वेन्स, महाधमनी संकुचन थायराइड, अधिवृक्क ग्रंथि के अर्बुद|
फोड़ा, कैंसर, स्तन का तंतुग्रंथि अर्बुद एवं ग्रंथिलता पेष्टिक अल्सर रक्तस्त्राव, आंत्र यक्ष्मा, अल्सरेटिव कोलाइटिस, जठर कैंसर वृक्क मास, प्रोस्टेट कैंसर |
हीमोथोरैक्स, पित्ताशय, वृक्क, यूरेटर एवं मूत्राशय की पथरी । रेक्टम, एनस, एनल कैनल, पित्ताशय एवं पित्तवाहिनी की शल्य दशाओं का प्रबंध |
सप्लीनोमेगैली, कालीसिस्टाइटिस, पोर्टल अतिरक्तदाब, यकृत फोड़ा, पेरीटोनाटिस, पैंक्रियाज शीर्ष कार्सिनामा ।
रीढ़ विभंग, कोली विभंग एवं अस्थि ट्यूमर एंडोस्कोपी लैप्रोस्कोपिक सर्जरी ।
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प्रसूति विज्ञान एवं परिवार नियोजन समेत स्त्री रोग विज्ञान
सगर्भता का निदान प्रसव प्रबंध, तृतीय चरण के उपद्रव, प्रसवपूर्ण एवं प्रसवेत्तर रक्त स्राव, नवजात का पुनरुज्जीवन, असामान्य स्थिति एवं कठिन प्रसव का प्रबंध, कालपूर्व (प्रसव) नवजात का प्रबंध, अरक्तता का निदान एवं प्रबंध ।
सगर्भता का प्रीएक्लैप्सिया एवं टाक्सीमिया, रजोनिवृत्युत्तर संलक्षण का प्रबंध, इंट्रा- यूटेरीन युक्तियां, गोलियां, ट्यूबेक्टॉमी एवं वैसेक्टॉमी ।
सगर्भता का चिकित्सकीय समापन जिसमें विधिक पहलू शामिल हैं। ग्रीवा कैंसर, ल्यूकेरिया, श्रोणि वेदना, वंध्यता, डिसफंक्शनल यूटेरीन, रक्तस्राव (DUB), अमीनोरिया, यूटरस का तंतुपेशी अर्बुद एवं भ्रंश ।
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समुदाय कायचिकित्सा ( निवारक एवं सामाजिक कार्य चिकित्सा )
सिद्धांत, प्रणाली, उपागम एवं जानपदिक रोग विज्ञान का मापन; पोषण, पोषण संबंधी रोग/विकार एवं पोषण कार्यक्रम, स्वास्थ्य सूचना संग्रहण, विश्लेषण, एवं प्रस्तुति ।
निम्नलिखित के नियंत्रण/उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रमों के उद्देश्य, घटक एवं कांतिक विश्लेषण : मलेरिया, काला आजार, फाइलेरिया एवं यक्ष्मा; HIV/AIDS, यौन संक्रमित रोग एवं डेंगू स्वास्थ्य देखभाल प्रदाय प्रणाली का क्रांतिक मूल्यांकन स्वास्थ्य प्रबंधन एवं प्रशासन : तकनीक, साधन, कार्यक्रम कार्यान्वयन एवं मूल्यांकन जनन एवं शिशु स्वास्थ्य के उद्देश्य, घटक, लक्ष्य एवं स्थिति, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन एवं सहस्त्राब्दी विकास लक्ष्य । अस्पताल एवं औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंध ।
अभी आपने संघ लोक सेवा आयोग प्रमुख परीक्षा के चिकित्सा विज्ञान पढ़ा, यदि आपको इससे सम्बंधित कोई भी प्रश्न हो तो Comment Box में जाकर पूछ सकते हैं, और आप हमारे Free IAS Prelims Quiz को Attempt कर सकते हैं जिसके द्वारा आप अपनी तैयारियों को परख सकते हैं |
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