संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के पैटर्न को 2015 से संशोधित किया है। जो की वर्तमान में, 7 + 2 = 9 पेपर हैं। इनमें प्रत्येक पेपर वर्णनात्मक प्रकार का है। आपको ज्ञात होगा की प्रमुख परीक्षा से पहले आपको दो सामान्य अध्ययन पेपर क्वालीफाइ करने होते हैं जिसमें आपको वैकल्पिक प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं जिनके अंक मुख्य परीक्षा में नहीं जोड़े जाते वह सिर्फ क्वालीफाइंग पेपर होते हैं | तथा मुख्य परीक्षा जिसमें दो वैकल्पिक प्रश्न पत्र होते हैं जिसमें प्रथम किसी एक भारतीय भाषा (Indian Language) अथवा अंग्रेजी, दूसरा कोई एक वैकल्पिक विषय जोकि प्रत्येक 300 अंक के होते हैं, ये भी अंक मुख्य परीक्षा में नहीं गिने जाते हैं। अभ्यर्थी अंग्रेजी में या संविधान की आठवीं अनुसूची से किसी एक भाषा को परीक्षा लिखने के माध्यम के रूप में चुन सकता हैं।
UPSC CSE Mains Electrical Engineering syllabus in Hindi (वैद्युत इंजीनियरी)
इस लेख में हम आपको सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के विषय वैद्युत इंजीनियरी के पेपर 1 व पेपर 2 के पाठ्यक्रम को हिंदी भाषा में बतायेंगे | वैद्युत इंजीनियरी एक प्रमुख विषय है जिससे संबंधित कई प्रश्न आते हैं, इसको गहनता से ध्यान पूर्वक पढ़ें:
संघ लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा वैद्युत इंजीनियरी पेपर – 1 पाठ्यक्रम
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परिपथ-सिद्धांत
विद्युत अवयव, जाल लेखचित्र, केल्विन धारा नियम, केल्विन वोल्टता नियम, परिपथ विश्लेषण विधियां, नोडीय विश्लेषण; पाश विश्लेषण; | आधारभूत जाल प्रमेय तथा अनुप्रयोग; क्षणिका विश्लेषण; RL, RC एवं RLC परिपथ; ज्वायक्रीय स्थायी अवस्था विश्लेषण; अनुनादी परिपथ; युग्मित परिपथ; संतुलित त्रिकला परिपथ । द्विकारक जाले ।
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संकेत एवं तंत्र
सतत काल एवं विवक्त-काल संकेतों एवं तंत्र का निरूपण; रैखिक काल निश्चर तंत्र, संवलन आवेग, अनुक्रिया; संवलन एवं अवकल अंतर समीकरणों पर आधारित रैखिक काल निश्चर तंत्रों का समय क्षेत्र विश्लेषण । फूरिए रूपांतर, लेप्लास रूपांतर, जैड-रूपांतर, अंतरण फलन संकेतों का प्रतिचयन एवं उनकी प्रतिप्राप्ति । विवक्त कालतंत्रों के द्वारा तुल्य रूप संकेतों का DFT, FFT संसाधन ।
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विद्युत चुम्बकीय सिद्धांत
मैक्सवेल समकरण, परिबद्ध माध्यम में तरंग संचरण । परिसीमा अवस्थाएं, समतल तरंगों का परावर्तन एवं अपवर्तन । संचरण लाइनें; प्रगामी एवं अप्रगामी तरंगे, प्रति बाधा प्रतितुलन, स्मिथ चार्ट ।
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तुल्य एवं इलेक्ट्रॉनिकी
अभिलक्षण एवं डायोड का तुल्य परिपथ (वृहत एवं लघु संकेत), द्विसौंध ट्रांजिस्टर, साँध क्षेत्र प्रभाव ट्रॉजिस्टर एवं धातु ऑक्साइड सामिचालक क्षेत्र प्रभाव ट्रांजिस्टर । डायोड परिपथ : कर्तन, ग्रामी, दिष्टकारी । अभिनतिकरण एवं अभिनति स्थायित्व । क्षेत्र प्रभाव ट्रॉजिस्टर प्रवर्धक । धारा दर्पण, प्रवर्धक : एकल एवं बहुचरणी, अवकल, संक्रियात्मक, पुनर्निवेश एवं शक्ति । प्रबंधकों का विश्लेषण, प्रबंधकों की आवृत्ति अनुक्रिया । संक्रियात्मक प्रबंधक परिपथ । निरयंदक, ज्वायक्रीय दोलित्र : दोलन के लिए कसौटी, एकल ट्रांजिस्टी और सॉक्रयात्मक प्रवर्धक विन्यास । फलन जनित्र एवं तरंग परिपथ । रैखिक एवं स्विचन विद्युत प्रदाय ।
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अंकीय इलेक्ट्रॉनिकी
बूलीय बीजावली, बूलीय फलन का न्यूनतमीकरण; तर्कद्वार, अंकीय समाकलित परिपथ कुल, (DTL,TTL, ECL, MOS, CMOS) । संयुक्त परिपथ अंकगणितीय परिपथ, कोड परिवर्तक, मल्टीप्लेक्सर एवं विकोड़ित्र। अनुक्रमिक परिपथ, चटखनी एवं थपथप, गणित्र एवं विस्थापन पंजीयक । तुलनित्र, कालनियामक बहुकपत्र । प्रतिदर्श एवं धारण परिपथ, तुल्यरूप अंकीय परिवर्तन (ADC) एवं अंकीय तुल्य रूप परिवर्तक (DAC) । सामिचालक स्मृतियां । प्रक्रमित युक्तियों का प्रयोग करते हुए तर्क कार्यान्वयन (ROM, PLA, FPGA)।
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ऊर्जा रूपांतरण
वैद्युत यांत्रिकी ऊर्जा रूपांतरण के सिद्धांत : घूर्णत मशीनों में बल आधूर्ण एवं विद्युत चुंबकीय बल । दि.धा. मशीनें : अभिलक्षण एवं निस्पादन विश्लेषण, मोटरों का प्रारम्भन एवं गति नियंत्रण । परिणामित्र : प्रचालन एवं विश्लेषण के सिद्धांत ; विनियमन दक्षता; त्रिकला परिणामित्र : त्रिकला प्रेरण मशीनें एवं तुल्यकालिक मशीनें; अभिलक्षण एवं निष्पादन विश्लेषण ; गति नियंत्रण ।
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शक्ति इलेक्ट्रॉनिकी एवं विद्युत चालन
सामिचालक शक्ति युक्तियां : डायोड, ट्रॉजिस्टर, थाइरिस्टर, ट्रायक, GTO एवं धातु आक्साइड सामिचालक क्षेत्र प्रभाव ट्रांजिस्टर स्थैतिक अभिलक्षण एवं प्रचालन के सिद्धांत, ट्रिगरिंग परिपथ, कला नियंत्रण दिष्टकारी, सेतु परिवर्तक : पूर्ण नियंत्रित एवं अर्द्धनियंत्रित थाइरिस्टर चापर एवं प्रतीयकों के सिद्धांत, DC-DC परिवर्तक, स्विच मोड़ इन्वर्टर, (dc एवं ac, मोटर चालन के गतिनियंत्रण की आधारभूत संकल्पना, विचरणीय चाल चालन के अनुप्रयोग।
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तुल्यरूप संचार
यादृच्छिक वर : संतत, विविक्त; प्रायकिता, प्रायिकता फलन । सांख्यिकीय औसत; प्रयिकता निदर्श; यादृच्छिक संकेत एवं रव; सम, रव, रवतुल्य बैंड चौड़ाई, रव सहित संकेत प्रेषण, रव संकेत अनुपात, रैखिक CW मॉडुलन : आयाम-मॉडुलन : द्विसाइड बैंड, द्विसाइड बैंड-एकल चैनल (DSB-SC) एवं एकल बैंड । माडुलन एवं विमाडुलन; कला और आवृत्ति मॉडुलन ; कला मॉडुलन एवं आवृति मॉडुलन संकेत, संकीर्ण बैंड आवृति मॉडुलन, आवृत्ति मॉडुलन कला मॉडुलन के लिए जनन एवं संसूचन, विष्प्रबलन, पूर्व प्रबलन । संवाहक तरंग मॉडुलन (CWM) तंत्र; परासंस्करण अभिग्राही, आयाम मॉडुलन अभिग्राही, संचार अभिग्राही, आवृत्ति मॉडुलन अभिग्राही, कला पाशित लूप, एकल साइड बैंड अभिग्राही, आयाम मॉडुलन एवं आवृत्ति मॉडुलन अभिग्राही के लिए सिगनल रव अनुपात गणन ।
संघ लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा वैद्युत इंजीनियरी पेपर – 2 पाठ्यक्रम
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नियंत्रण तंत्र
नियंत्रण तंत्र के तत्व, खंड आरेख निरूपण; खुला पाश एवं बंदपाश तंत्र, पुनर्निवेश के सिद्धांत एवं अनुप्रयोग । नियंत्रण तंत्र अवयव । रेखिक काल निश्चर तंत्र : काल प्रक्षेत्र एवं रूपांतर प्रक्षेत्र विश्लेषण । स्थायित्व : राउथ हरविज कसौटी, मूल बिंदुपथ, बोर्ड आलेख एवं पोलर आलेख, नाइक्विएस्ट कसौटी, अग्रपश्चता प्रतिकारक का अभिकल्पलन् । सामनुपालिक PI, PID, नियंत्रक, नियंत्रण तंत्रों का अवस्था विचरणीय निरूपण एवं विश्लेषण ।
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माइक्रोप्रोसेसर एवं माइक्रोकंप्यूटर:
PC संघटन, CPU, अनुदेश सेट, रजिस्टर सेट, टाइमिंग आरेख, प्रोग्रामन, अंतरानयन, स्मृति, अरापृष्ठान, 10, अंतरापृष्ठन, प्रोग्रामनीय परिधीय युक्तियां ।
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मापन एवं मापयंत्रण:
त्रुटि विश्लेषण : धारा, वोल्टता, शक्ति, ऊर्जा, शक्ति गुणक, प्रतिरोध, प्रेरकत्व, धारिता एवं आवृत्ति का मापन, सेतु मापन । सिगनल अनुकूल परिपथ, इलेक्ट्रॉनिक मापन यंत्र; बहुमापी, कैथोड़ किरण आसिलोस्कोप, अंकीय बोल्टगामी, आवृति गणित, Qमापी, स्पेक्ट्रम विश्लेषक, विरूपण मापी ट्रांसड्यूसर, ताप वैद्युत युग्म, थमिस्टर, रेखीय परिवर्तनीय अवकल ट्रांसड्यूसर, विकृति प्रभावी, दाब विद्युत क्रिस्टल ।
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शक्तितंत्र : विश्लेषण एवं नियंत्रण:
सिरोपरि संचरण लाइनों तथा केबलों का स्थायी दशा निष्पादन, सक्रिय एवं प्रतिघाती शक्ति अंतरण एवं वितरण के सिद्धांत, प्रति इकाई राशियां, बस प्रवेश्यता एवं प्रतिबाधा आव्यूह, लोड प्रवाह; बोल्टता नियंत्रक एवं शक्ति गंणक संशोधन; आर्थिक प्रचालन; सममित घटक; सममित एवं असममित दोष का विश्लेषण । तंत्र स्थायित्व की अवधारणा : स्विंग वक़ एवं समक्षेत्र कसौटी । स्थैतिक बोल्ट एपियर प्रतिघाती तंत्र । उच्च वोल्टता दिष्टधारा संचरण की मूलभूत अवधारणाएं ।
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शक्तितंत्र रक्षण:
अतिधारा, अवकल एवं दूरी रक्षण के सिद्धांत । ठोस अवस्था रिले । की अवधारणा । परिपथ वियोजक । अभिकलित्र सहायता प्राप्त रक्षण; परिचय, लाइन, बस, जनित्र, परिणामित्र रक्षण, संख्यात्मक रिले एवं रक्षण के लिए अंकीय संकेत रक्षण (DSP)का अनुप्रयोग।
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अंकीय संचार:
स्पंद कोड माडुलन, अवकल स्पंद कोड मॉडुलन, डेल्टा मॉडुलन अंकीय विमाडुलन एवं विमॉडुलन योजनाएं : आयाम, कला एवं अवृत्ति कुंजीयन योजनाएं । त्रुटि नियंत्रण कूटकरण : त्रुटिसंसूचन एवं संशोधन रैखिक खंड कोड, संवलन कोड । सूचना माप एवं स्रोत कूट करण । आंकड़ा जाल, 7-स्तरीय वास्तुकला ।
अभी आपने संघ लोक सेवा आयोग प्रमुख परीक्षा के वैद्युत इंजीनियरी को पढ़ा, यदि आपको इससे सम्बंधित कोई भी प्रश्न हो तो Comment Box में जाकर पूछ सकते हैं, और आप हमारे Free IAS Prelims Quiz को Attempt कर सकते हैं जिसके द्वारा आप अपनी तैयारियों को परख सकते हैं |
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