संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के पैटर्न को 2015 से संशोधित किया है। जो की वर्तमान में, 7 + 2 = 9 पेपर हैं। इनमें प्रत्येक पेपर वर्णनात्मक प्रकार का है। मुख्य परीक्षा जिसमें दो वैकल्पिक प्रश्न पत्र होते हैं जिसमें प्रथम किसी एक भारतीय भाषा (Indian Language) अथवा अंग्रेजी, दूसरा कोई एक वैकल्पिक विषय जोकि प्रत्येक 300 अंक के होते हैं, ये भी अंक मुख्य परीक्षा में नहीं गिने जाते हैं। अभ्यर्थी अंग्रेजी में या संविधान की आठवीं अनुसूची से किसी एक भाषा को परीक्षा लिखने के माध्यम के रूप में चुन सकता हैं।
UPSC CSE (IAS) Mains Indian Language Sindhi Syllabus in Hindi
इस पाठ्यक्रम के दो प्रश्न-पत्र होंगे । जिसमें आपको उत्तर सिंधी अरबी अथवा देवनागरी लिपि में लिखना होगा
संघ लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा भारतीय भाषा सिन्धी पेपर – 1 पाठ्यक्रम
खण्ड-क
- (क) सिन्धी भाषा का उद्भव और विकास विभिन्न विद्वानों के मत ।
(ख) स्वर विज्ञान, आकृति विज्ञान एवं वाक्य विन्यास के साथ सिन्धी भाषा के संबंध सहित सिन्धी की महत्वपूर्ण भाषा वैज्ञानिक विशेषताएं।
(ग) सिन्धी भाषा की प्रमुख बालियां ।
(घ) विभाजन के पहले और विभाजन के बाद की अवधियों में सिन्धी शब्दावली और उनके विकास के चरण ।
(ड) सिन्धी की विभिन्न लेखन प्रणालियों (लिपियों) का ऐतिहासिक अध्ययन ।
(च) विभाजन के बाद अन्य भाषाओं और सामाजिक स्थितियों के प्रभाव के चलते भारत में सिन्धी भाषा की संरचना में परिवर्तन ।
खण्ड -ख
- विभिन्न युगों के सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ में सिन्धी-साहित्य:
(क) लोक साहित्य समेत सन् 1350 ई. तक का प्रारम्भिक मध्यकालीन साहित्य ।
(ख) सन् 1350 ई. से 1850 ई. तक का परवर्ती मध्यकालीन साहित्य ।
(ग) सन् 1850 ई. से 1947 ई. तक का पुनर्जागरण काल ।
(घ) आधुनिक काल सन् 1947 ई. से आगे । | (आधुनिक सिन्धी साहित्य की साहित्यिक विधाएं और कविता, नाटक, उपन्यास, कहानी, निबन्ध, साहित्यिक आलोचना, जीवनी, आत्मकथा, संस्मरण और यात्रा विवरणों में प्रयोग)।
संघ लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा भारतीय भाषा सिन्धी पेपर – 2 पाठ्यक्रम
(उत्तर सिंधी, अरबी अथवा देवनागरी लिपि में लिखना होगा)
इस प्रश्न-पत्र में निर्धारित मूल पाठ्य पुस्तकों को पढ़ना अपेक्षित होगा और इसका प्रारूप इस प्रकार तैयार किया जाएगा जिस अभ्यर्थी की आलोचनात्मक योग्यता की परीक्षा हो सके ।
खण्ड-क
इस खंड में पाठ्य पुस्तकों की सप्रसंग व्याख्याएं और आलोचनात्मक विश्लेषण होंगे।
- काव्य

